Monday, September 08, 2008

उनकी निगाहों ने हमें मार डाला

मोहब्बत से बचता रहा ता-उम्र यूँ , पर मदहोश अदाओं से उनकी कौन बच पाया है

जी लेता मैं ज़िन्दगी उसकी पनाह मैं यूँ पर कातिल उनकी निगाहों ने हमें मार डाला।

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