Saturday, September 13, 2008

तेरे बारे मैं ...

हो जस्न हर राहो मैं यूँ हमशा तेरे और रहे गम तुझसे कोसो दूर
चमके तू लाखो तारों के आँगन मैं बनके एक अनोखा हूर
एक झलक तेरे, और हो जाए रोशन हर एक मंजिल मेरी
हसरत दिल की बस इतनी के रहे खुस हमेशा तू भुलाके गमो को अपनी
जाने हो क्या कल किसे पता, निकलेगी दुआ गर जुबान पे अपनी कभी
तो रहे हर दुआ मैं नाम तेरा वो दुआ हो रब को कबूल ...



इन-सा-अल्लाह ..आमीन

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