ନିଜ ସ୍ୱପ୍ନକୁ ତ୍ୟାଗ କରି ମୋ ସ୍ୱପ୍ନକୁ ଡେଣା ଦେଇଥିବା, ନିଜ ସୁଖକୁ ଉତ୍ସର୍ଗ କରି ମୋ ଜୀବନକୁ ଆଲୋକିତ କରିଥିବା ପରମ ପୂଜ୍ୟ ମା' ଓ ବାପାଙ୍କ ଚରଣରେ ମୋର ଅକୁଣ୍ଠିତ ଶ୍ରଦ୍ଧା ଓ ପ୍ରଣାମ। 🙏
To my beloved parents, who sacrificed their dreams to nurture mine and dedicated their happiness to brighten my life's journey, I offer my deepest respect, gratitude, and heartfelt pranam.
बारिश की महीन फुहारों में जब तन मन भीगे जातें हैं उनकी खामोश निगाहों के वो पल तो ही तरसाते है क्यों बोल नहीं सकते है वो क्या अजब है उनकी ख़ामोशी हम चुप्पी की भाषा सुनकर बस मन ही मन इतराते है वो हवा हवा ही रहते है और आस पास मंडराते है जाने उनके दिल में क्या है पर हमको बहुत सताते है पर हमको बहुत सताते हैं
बारिश की महीन फुहारों में
ReplyDeleteजब तन मन भीगे जातें हैं
उनकी खामोश निगाहों के
वो पल तो ही तरसाते है
क्यों बोल नहीं सकते है वो
क्या अजब है उनकी ख़ामोशी
हम चुप्पी की भाषा सुनकर
बस मन ही मन इतराते है
वो हवा हवा ही रहते है
और आस पास मंडराते है
जाने उनके दिल में क्या है
पर हमको बहुत सताते है
पर हमको बहुत सताते हैं