Thursday, October 14, 2010

कल अष्टमी है

आज नवरात्री का सप्तमी हैं और महा समारोह के साथ चारो दिशाओं मे माँ भवानी की पूजा चल रही है। पर यहाँ चेन्नई मे ये पूजा का रंग कुछ कम लग रहा है। ये हो सकता है की मेरे विचार हो और क्यों की मे ओडिशा का रहने वाला हूँ और मेरे वहां बड़ी धूम धाम से यह पूजा मनाई जाती है तो मे तुलना करे लगा हूँ। शनिवार को मे सपत्निक मंदिर भी गया था और पूजा भी की। पर न जाने क्यों आज कल मन बड़ा व्याकुल रहता है ऐसा लगता है की मे कुछ बेचीं हो रहा हूँ। कुछ दिन पहले मे एक साक्श्यत्कार मे मिली असफलता मे कुछ हतोशातिह्त हो गया था और क्यूँ की उमीदें कुछ ज्यादा थी और मे उमीदों पे खरा नहीं उतार पाया तो दुखी भी था। मगर वक़्त सबसे बड़ा दबी है तो मे उसे भी भूल जाऊंगा। पर उस दिन वो महिला जो मुझसे प्रश्न कर रही थी मुझे बड़ा निरास कर गई। पेशे से मे भी बहूत साक्श्यत्कार लेता हूँ मगर ये अंदाज़ बड़ा ख़राब लगा मुझे। कुछ परिपक्क्व्ता की कमी लगी मुझे। खैर मुझे क्या करना है उससे मे तो ये सब करता रहता हौं और करता रहूँगा। मन उदास था तो लिख डाला ...आप भी पढ़ लीजिये और भूल जाईये ... कल अष्टमी है माँ भवानी और एकपदा भैरबी से बस यही दुआ है की सबको शांति और सम्रिध्ही दें...जय शेरावाली...

1 comment:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति .

    श्री दुर्गाष्टमी की बधाई !!!

    ReplyDelete

Its Shambhoo's First Day in Pre-School

Its in golden words now.  Starting today (3rd jan 2018) my baby went to Pre-school and by gods grace its a golden day for me. We all wer...