
ज़ख्मो का यूँ बे इंतेहा बढ़ना तो हम पूछा किए
मालूम हुआ के जालिम ने दबाओं को भी अपने साथ कर रखा है !!!
वे एक समंदर खँगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियाँ ढूँढने में लगे हुए हैं। जिनकी अपनी लँगोटियाँ तक फटी हुई हैं, वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे...
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