Friday, November 14, 2008

नामंजूर दुआ ये, वजह क्या है ...

सुना था केहते किसीको के आवाज़ दिल की खुदा को मंज़ूर है
माना था हमने तो खुदा उसको फिर भी नामंजूर ये दुआ, वजह क्या है ...

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Adab se..

वे एक समंदर खँगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियाँ ढूँढने में लगे हुए हैं। जिनकी अपनी लँगोटियाँ तक फटी हुई हैं, वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे...