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Wednesday, December 24, 2025

एक सर्द रात की सोच…

आज Chennai  जैसी जगह पर भी ठंडी हवाएँ चल रही हैं।

और हम सब अपने गरम कमरों में बैठकर आराम से चाय–कॉफ़ी पीते हुए ज़रा–ज़रा सी असुविधाओं की शिकायत कर लेते हैं।

लेकिन

ज़रा एक पल ठहरकर सोचो–

ओए, कभी ख्याल कर लिया करो उन साहिबज़ादों का जिन्हें माता गुजरी समेत मुग़लिया सल्तनत ने खुले चबूतरे पर हाड़ कंपा देने वाली ठंड में बेइंतहा सर्द रातों में कैद किया था।

जिन्हें भूखे–प्यासे तड़पने को मजबूर किया गया… जिनके छोटे-छोटे जिस्म ठिठुरते रहे, पर हौसला पहाड़ों जैसा अटल रहा।

आज दूध 80 रुपए किलो है 

पर सोचो, उस दूध की क्या कीमत होगी जो बाबा मोतीराम ने कड़ी निगरानी, और डरावने दौर में
उन साहिबज़ादों और माता गुजरी को पिलाया था.

धन्य हो मोतीराम जी.... 








भूल मत जाना ओये.. त्वानु रब दी सौ