इस गुजरते साल ने बहुत कुछ समझा दिया,
कुछ मतलबी चेहरों ने तो कुछ अपनों ने खुद का रंग दिखा दिया
अब आने वाले साल में थोड़ा संभलकर चलना है,
हाथ तो सबसे मिलाना है… मगर हर किसी को गले नहीं लगाना है
हाथ तो सबसे मिलाना है… मगर हर किसी को गले नहीं लगाना है
वे एक समंदर खँगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियाँ ढूँढने में लगे हुए हैं। जिनकी अपनी लँगोटियाँ तक फटी हुई हैं, वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे...
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