खराब वक़्त मैं इज़्ज़त रखे संभाले हुए
कभी ना रखे जेब मैं सिक्के उछाले हुए,
डसा हुआ हूँ मगर इलाज़ जानता हूँ
यह सांप भी है तो मेरे आस्तीन के पाले हुए.
- मशर अफरीदी
वे एक समंदर खँगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियाँ ढूँढने में लगे हुए हैं। जिनकी अपनी लँगोटियाँ तक फटी हुई हैं, वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे...
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