करे इश्क कोई किसी से, वज़ह हो ज़रूरी तो नहीं
हाल-इ-दिल हो आशिकाना बस यही काफी है ...
हाल-इ-दिल हो आशिकाना बस यही काफी है ...
वे एक समंदर खँगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियाँ ढूँढने में लगे हुए हैं। जिनकी अपनी लँगोटियाँ तक फटी हुई हैं, वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे...
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