Wednesday, January 29, 2020

जरूरतें और मैं ...














जरूरतों मैं याद बहत आता हूँ मैं लोगोंको
शायद खुदा से पहले एक उम्मीद हूँ मैं...




Adab se..

वे एक समंदर खँगालने में लगे हुए हैं, हमारी कमियाँ ढूँढने में लगे हुए हैं। जिनकी अपनी लँगोटियाँ तक फटी हुई हैं, वे हमारी पगड़ी उछालने में लगे...