Search This Blog

Loading...

Tuesday, December 27, 2011

मेरी बुनियाद...

है बुनियाद इतनी मज़बूत मेरी के धडकती दिल तो कांपती है धरती  
हो जो कोई बुलंद इतनी और हो इरादे चट्टान सी तो ही टकराए ....

0 comments:

Post a Comment